-
473
छात्र -
473
छात्राएं -
38
कर्मचारीशैक्षिक: 35
गैर-शैक्षिक: 05
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय सीहोर, सीहोर के मुख्य शहर में स्थित है। भोपाल के मुख्य शहर से 50 किलोमीटर दूर भोपाल क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध संस्थान है।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीहोर का लक्ष्य एक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्रदान करना है जो प्रत्येक बच्चे को बड़े पैमाने पर समाज, राष्ट्र और दुनिया की सेवा करने के लिए सशक्त बनाता है।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
Tपीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीहोर का लक्ष्य एक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्रदान करना है जो प्रत्येक बच्चे को बड़े पैमाने पर समाज, राष्ट्र और दुनिया की सेवा करने के लिए सशक्त बनाता है।.
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रीमती शाहिदा परवीन
उपायुक्त
प्रिय विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समस्त केंद्रीय विद्यालय परिवार, सप्रेम नमस्कार। केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग की वेबसाइट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह प्लेटफ़ॉर्म न केवल सूचना और संसाधनों का केंद्र है, अपितु यह हमारे साझा शैक्षिक दृष्टिकोण, मूल्यों और प्रयासों का प्रतिबिंब भी है। मुझे यह संदेश साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग, केविसं (मु०) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशन में निरंतर राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्चतम मानदंडों को स्थापित करने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। भारत जैसे विविधता-सम्पन्न देश में शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं है, यह सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना का संवाहक भी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 1963 में भारत सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और एकसमान शिक्षा प्रदान की जा सके। आज KVS न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी शिक्षा की एक सशक्त शृंखला बन चुका है, जिसमें लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और हजारों शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन के मूल्य सिखा रहे हैं। हमारे देश की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान करती है। यह केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात नहीं करती, बल्कि यह समावेशी, बहु-विषयक, और छात्र-केंद्रित शिक्षा की बात करती है। KVS ने NEP 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाते हुए कई महत्त्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की हैं: • Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को प्राथमिक कक्षाओं में लागू करना। • बहु-भाषिकता को प्रोत्साहन देना। • कला एकीकरण (Art Integration) और खेल आधारित शिक्षा (Sports Integration) को कक्षा शिक्षण में समाहित करना। 21वीं सदी के कौशल जैसे कि आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता पर बल देना। ये सभी प्रयास विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा के लिए, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हमारे कार्यरत शिक्षकगण न केवल ज्ञान के दाता हैं, बल्कि वे एक संरक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका भी निभाते हैं। एक शिक्षक की भूमिका अब केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है। वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, उन्हें आत्म-शिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, और एक उत्तरदायी नागरिक के रूप में ढालते हैं। हमारे शिक्षकगण निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और नवाचारों के माध्यम से अपने शिक्षण को अद्यतन और प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यालयों में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं। KVS के विद्यार्थी पूरे देश में अपनी योग्यता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के लिए पहचाने जाते हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विज्ञान, खेल, कला, और संस्कृति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ, तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर KVS के छात्रों की उपस्थिति हमें गर्व से भर देती है। हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी की विशेषताओं और रुचियों को समझते हुए उन्हें उस दिशा में अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें। विद्यालयों में अब केवल किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं, बल्कि समग्र विकास (Holistic Development) को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान युग डिजिटल क्रांति का युग है। शिक्षा भी इससे अछूती नहीं रही है। विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान, KVS ने तकनीक को अपनाते हुए ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल की। हमने ई-कंटेंट, वर्चुअल क्लासरूम्स, शिक्षकों द्वारा बनाए गए डिजिटल संसाधन, और स्वयं पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म्स को प्रभावी रूप से अपनाया। भविष्य में भी हम तकनीक के माध्यम से शिक्षण और अधिगम को और अधिक रोचक, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारे विद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ATL (Atal Tinkering Labs), Coding Clubs, Robotics Workshops जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। KVS प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत महत्त्व देता है। विद्यालय प्रबंधन समितियों में अभिभावकों की भागीदारी, विद्यालय स्तर पर खुली बैठकों का आयोजन, और अभिप्राय संग्रहण की प्रक्रिया हमें हमारी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। हम अभिभावकों से अनुरोध करते हैं कि वे विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लें, शिक्षकों से संवाद बनाए रखें और अपने बच्चों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करें। KVS का लक्ष्य न केवल अकादमिक उत्कृष्टता है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो: • विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनाए, • उनमें संवेदनशीलता और सहानुभूति का भाव विकसित करे, • उन्हें नवाचार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करे, • तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाए। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे विद्यालय "ज्ञान, चरित्र और सेवा" के त्रिसूत्रीय मंत्र को आत्मसात करें और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जो शिक्षित, सशक्त और समृद्ध हो। अंत में, मैं सभी विद्यार्थियों को यह संदेश देना चाहती हूँ कि अपने सपनों को साकार करने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और आत्म-विश्वास को अपना साथी बनाइए। हर चुनौती आपके लिए एक अवसर है, और हर असफलता सीखने की एक सीढ़ी। शिक्षकों से अपेक्षा करती हूँ कि वे विद्यार्थियों के जीवन को मूल्यवान और अर्थपूर्ण बनाने में अपनी भूमिका को दृढ़ता से निभाएँ। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे विद्यालय के साथ मिलकर एक सशक्त भविष्य निर्माण में सहयोग करें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे शैक्षिक वातावरण का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वाभिमानी, सक्षम और संवेदनशील नागरिक बनकर राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सके। धन्यवाद। (शाहिदा परवीन) उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल संभाग
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पूजा श्रीवास्तव
प्राचार्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय लोकाचार में निहित एक शिक्षा प्रणाली की कल्पना करती है और सभी को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करके और भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाकर भारत को एक टिकाऊ, न्यायसंगत और जीवंत ज्ञानपूर्ण समाज में बदलने में सीधे योगदान देती है। स्कूल के प्रिंसिपल के रूप में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय की वेबसाइट पर सभी हितधारकों का स्वागत करना मेरे लिए गौरवपूर्ण विशेषाधिकार है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन की दृष्टि, मिशन, दिशा और जानकारी, कार्यक्रम और नीतियों की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। यह न केवल विद्यालय के बारे में बल्कि विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। यहां मैं कह सकता हूं कि प्रत्येक हितधारक एक शिक्षार्थी है और उसके पास सीखने और खोजने का अवसर है। हमारा पूरा स्टाफ स्कूल परिसर के अंदर सुरक्षित और प्रेरक शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक छात्र का स्वागत और देखभाल की जाती है, जहां सीखने के अनुभव की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश की जाती है, और जहां सभी छात्रों के लिए सीखने के लिए अच्छा भौतिक बुनियादी ढांचा और उपयुक्त संसाधन उपलब्ध हैं। . पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीहोर में अच्छी तरह से योग्य कर्मचारी हैं जो पाठ्यक्रम और शिक्षाशास्त्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए नियमित प्रशिक्षण से गुजरते हैं और इस प्रकार बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सर्वांगीण विकास को पूरा करते हैं। पीएमएसएचआरआई केंदीय विद्यालय सीहोर सीहोर के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है और बड़े पैमाने पर समाज, राष्ट्र और दुनिया की सेवा के लिए भविष्य के नेताओं को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने सभी हितधारकों से पूरे दिल से सहयोग की आशा रखते हैं। पूजा श्रीवास्तव प्राचार्य
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
चीजों का अन्वेषण करें
शैक्षणिक योजनाकार
एक अकादमिक योजना एक इच्छित पाठ्यक्रम है जिसे पूरे सत्र या पूरे वर्ष के लिए डिज़ाइन किया गया है।
शैक्षिक परिणाम
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीहोर का शैक्षणिक परिणाम
बाल वाटिका
केन्द्रीय विद्यालय सीहोर में प्री स्कूल शिक्षा अभी तक उपलब्ध नहीं है।
निपुण लक्ष्य
समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में दक्षता के लिए राष्ट्रीय पहल।
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, सीहोर शैैक्षणिक हानि का मुआवजा विभिन्न कार्यक्रमो के द्वारा प्रदान करता है ।
अध्ययन सामग्री
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, सीहोर अध्ययन के लिए लिंक प्रदान करता है l
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
प्राथमिक शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए टीएलएम और गतिविधि आधारित शिक्षण समय समय पर किया जाता है
विद्यार्थी परिषद
विद्यार्थी परिषद शिक्षकों और संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचारों, रुचियों और चिंताओं को साझा करने में मदद करती है।
अपने स्कूल को जानें
26-10-1986 को खोला गया यह केन्द्रीय विद्यालय सीहोर संगठन के मुकुट का रत्न है
अटल टिंकरिंग लैब
अटल टिंकरिंग लैब देश भर के केवी स्कूलों में गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करती है
डिजिटल भाषा लैब
केन्द्रीय विद्यालया मे डिजिटल भाषा लैब उपलब्ध है
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
के वी सीहोर मे दो कम्प्युटर लैब है
पुस्तकालय
केन्द्रीय विद्यालय सीहोर लाइब्रेरी ज्ञान की एक छोटी सी दुनिया है
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
विद्यालय मे भौतिक रसायन एवं जीव विज्ञान की प्र्योगशाला है
भवन एवं बाला पहल
बाला स्कूल भवन के छात्रावास में हस्तक्षेप के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा में गुणात्मक वृद्धि की दिशा एक अभिनव अवधारणा है।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
के वी सीहोर मे खेल का मैदान है
एसओपी/एनडीएमए
विद्यालय में प्रभावी अग्नि-शामक सुरक्षा प्रणाली है
खेल
केन्द्रीय विद्यालय सीहोर में समय समय पर विभिन्न खेलो का आयोजन किया जाता है।
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
केन्द्रीय विद्यालय सीहोर में स्काउट एवं गाइड इकाई साप्ताहिक आधार पर प्रत्येक बुधवार को सुचारू रूप से चल रही है।
शिक्षा भ्रमण
के वी सीहोर के छात्रो को समय समय पर शिक्षा भ्रमण पर ले जाया जाता है
ओलम्पियाड
के वी सीहोर मे विभिन प्रकार की ओलम्पियाड की परिक्षायें आयोजित की जा रही है
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
के वी सीहोर में नेशनल साईस काग्रेस में प्रतिभाग हेतु प्रोत्साहीत किया जाता है
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत का उद्देश सभी राज्यों को आपस में जोडकर शैक्षणिक गतिविधियों द्वारा छात्र एवं छात्रों को अधिगम प्रदान करना है
हस्तकला या शिल्पकला
कला शिक्षा विद्यार्थियों में रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का पोषण करती है।
फन डे
आनंदवर दिवस केंद्रीय विद्यालय सीहोर स्कूलों में पहली से पांचवी कक्षा तक हर शनिवार को मनाया जाता है
युवा संसद
विद्यालय में विद्यालय स्तरीय युवा संसद गतिविधि का आयोजन किया जाता है
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल भारत सरकार द्वारा एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
कौशल शिक्षा
कौशल आधारित शिक्षा व्यावहारिक अभ्यास और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग के माध्यम से छात्रों का विकास करती है
मार्गदर्शन एवं परामर्श
मार्गदर्शन एवं परामर्श कार्यक्रम की सभी गतिविधियॉं और सेवाऍं परामर्श प्रक्रिया की ओर ले जाती है
सामाजिक सहभागिता
सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक मुद्दों का सामना करने हेतु सशक्त तरीका है
विद्यांजलि
निजी व्यक्तियों और संगठनों से स्वैच्छिक मौद्रिक योगदान को प्रोत्साहित करना है
प्रकाशन
विद्यालय स्तर पर पत्रिका का प्रकाशन विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है
समाचार पत्र
विद्यालय स्तर पर समाचार पत्र का प्रकाशन किया जाता है।
विद्यालय पत्रिका
विद्यालय में वार्षिक विद्यालय पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है।
देखें क्या हो रहा है ?
छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार
वार्षिक खेल दिवस 2024
17/12/2024
पैरालंपिक में कांस्य पदक विजेता श्री कपिल परमार को वार्षिक खेल दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
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केंद्रीय विद्यालय संगठन का स्थापना दिवस बहुत धूम धाम से मनाया गया
15/12/2025
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीहोर में केन्द्रीय विद्यालय संगठन का स्थापा दिवस बहुत धूम धाम से मनाया गया ।
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
खेल दिवस
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
हमारे शिक्षकों/कर्मचारियों से मिलें
Year of 2022-23
Appeared 67 Passed 65
Year of 2023-24
Appeared 62 Passed 62
Year of 2024-25
Appeared 76 Passed 76
Year of 2025-26
Appeared 64 Passed 64
Year of 2022-23
Appeared 64 Passed 64
Year of 2023-24
Appeared 49 Passed 49
Year of 2024-25
Appeared 61 Passed 61
Year of 2025-26
Appeared 46 Passed 46